बिहार के नालंदा जिले के चिकसौरा थाना क्षेत्र स्थित खोखुना गांव के रहने वाले हैं अरुण
रांची : वर्ष 2022 में आयोजित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) जूनियर इंजीनियर (डिप्लोमा) प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान परीक्षा एजेंसी की कथित भूमिका सामने आने के बाद यह गिरफ्तारी की गई।
पुलिस के अनुसार, अरुण कुमार बिहार के नालंदा जिले के चिकसौरा थाना क्षेत्र स्थित खोखुना गांव के रहने वाले हैं। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि वह मुंबई में छिपकर रह रहे हैं। इसके बाद रांची पुलिस की टीम ने मुंबई में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
1,279 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
JSSC ने 3 जुलाई 2022 को जूनियर इंजीनियर (डिप्लोमा) के 1,279 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पहली पाली की उत्तर कुंजी वायरल होने और प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई थी। मामले ने तूल पकड़ा तो आयोग ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी थी।
इसके बाद अभ्यर्थी मिथिलेश कुमार महतो की लिखित शिकायत के आधार पर 14 जुलाई 2022 को नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। बाद में मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया।
दिल्ली की कंपनी को मिली थी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी
जांच में पुलिस को पुष्टि हुई कि जूनियर इंजीनियर परीक्षा का प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ था। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दिल्ली की कंपनी बायनिसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी।
जांच के दौरान एक कथित सिंडिकेट के सक्रिय होने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस का दावा है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से पटना में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही उत्तर उपलब्ध करा दिए गए थे। अभ्यर्थियों को इन उत्तरों को याद कराने की भी व्यवस्था की गई थी।
परीक्षा एजेंसी के संचालकों की भूमिका की भी जांच
SIT की जांच में कथित पेपर लीक की साजिश में परीक्षा एजेंसी और उसके संचालकों की भूमिका भी सामने आई। इसी आधार पर पुलिस ने एजेंसी के निदेशक अरुण कुमार को मामले में आरोपी बनाया और उनकी तलाश शुरू की थी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी अभ्यर्थी रंजीत मंडल के अलावा सिंडिकेट के सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव तथा परीक्षा एजेंसी के वरिष्ठ प्रबंधक कृष्ण कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
कई आरोपी अब भी फरार
पुलिस का कहना है कि मामले में कई अन्य संदिग्ध अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। SIT पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क और परीक्षा एजेंसी की भूमिका की जांच कर रही है।
इनपुट : आईएएनएस