रांची/जमशेदपुर: झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान)’ के तहत राज्य के छह हवाई अड्डों—जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, देवघर, हजारीबाग और डाल्टनगंज—को विकास के लिए शामिल किया है। इन परियोजनाओं के लिए हवाईअड्डा अवसंरचना विकास मद में 122.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
यह जानकारी केंद्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
जमशेदपुर और देवघर से उड़ानें जारी, बोकारो-दुमका का विकास पूरा
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, चयनित छह हवाई अड्डों में से जमशेदपुर और देवघर एयरपोर्ट पहले से परिचालनरत हैं, जबकि बोकारो और दुमका हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि हजारीबाग और डाल्टनगंज एयरपोर्ट की परियोजनाएं अभी आगे नहीं बढ़ सकी हैं, क्योंकि इन दोनों स्थानों के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है।
122.04 करोड़ स्वीकृत, 117.61 करोड़ रुपये खर्च
सरकार ने झारखंड में हवाईअड्डा अवसंरचना के विकास के लिए 122.04 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें से अब तक 117.61 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूती मिलेगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
संशोधित उड़ान योजना से बढ़ेगा क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने सरकार से पूछा था कि उड़ान योजना के तहत झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए क्या आकलन किया गया है और पिछले पांच वर्षों में राज्य के हवाईअड्डों के विकास पर कितनी राशि स्वीकृत व खर्च की गई है।
इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 से संशोधित उड़ान (UDAN) योजना लागू की गई है। इस नई योजना के तहत अगले 10 वर्षों में देशभर में 120 नए गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने और करीब 4 करोड़ यात्रियों को क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि इससे छोटे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।