गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित जमशेदपुर डेयरी में 30 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी रविंद्र नाथ ठाकुर की मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीईओ समेत जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 1 जुलाई से डेयरी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और जाम किया जाएगा।
रविंद्र नाथ ठाकुर की मौत के मामले में उनके परिजनों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को दुर्गापूजा मैदान स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मृतक की पत्नी तारा देवी ने कंपनी पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की मांग की।
तारा देवी ने बताया कि उनके पति करीब 30 वर्षों से गम्हरिया स्थित जमशेदपुर डेयरी में कार्यरत थे। 17 जून की सुबह लगभग नौ बजे ड्यूटी के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें तत्काल किसी बेहतर अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय शाम करीब साढ़े चार बजे अपने दो कर्मचारियों के साथ टेंपो से घर भिजवा दिया।
उस समय उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि वे न तो ठीक से चल पा रहे थे और न ही बोलने की स्थिति में थे। परिजनों ने सहारा देकर उन्हें घर के अंदर पहुंचाया।
परिवार के अनुसार, घर पहुंचने के बाद रविंद्र नाथ ठाकुर को तत्काल इलाज के लिए ईएसआई अस्पताल, आदित्यपुर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच), जमशेदपुर रेफर कर दिया। देर रात करीब 12 बजे उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया।
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ का प्रभाव दिखाई दे रहा है। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया। 20 जून को रिम्स में भर्ती कराने के बाद इलाज जारी रहा, लेकिन 21 जून को दोपहर करीब 2:48 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि 18 जून को उनके पुत्र चंदन ठाकुर और अन्य परिजन जब कंपनी प्रबंधन से मिलने पहुंचे तो प्रबंधन ने किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि यदि ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर कंपनी समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराती, तो संभव है कि रविंद्र नाथ ठाकुर की जान बचाई जा सकती थी।
परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जमशेदपुर डेयरी के सीईओ समेत घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मृतक के आश्रित को स्थायी नौकरी, उचित मुआवजा तथा परिवार को न्याय दिलाने की भी मांग की गई है।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 1 जुलाई से जमशेदपुर डेयरी के मुख्य प्रवेश द्वार पर अनिश्चितकालीन जाम और आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस वार्ता में मृतक के पुत्र चंदन ठाकुर, समाजसेविका रश्मि भेंगरा सहित परिवार के अन्य सदस्य और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।
मौत के दिन डेयरी के अधिकारी ने कहा था कि ईपीएफ नियमों के अनुसार ही दाह संस्कार से लेकर अन्य लाभ प्रदान किया जाएगा।