September 8, 2026
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सुधांशु त्रिवेदी ने जनता से पूछा, राहुल गांधी का जन्मदिन किस दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए

सुधांशु त्रिवेदी ने जनता से पूछा, राहुल गांधी का जन्मदिन किस दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि बीते 12 साल में राहुल गांधी ने कई बार स्टाइल और बॉडी लैंग्वेज में बदलाव किया, लेकिन राहुल जनता के दिलों से दूर होते रहे।

भाजपा सांसद ने कहा कि पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन राहुल गांधी का जन्मदिन किस दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए, यह जनता के विवेक पर छोड़ता हूं।

त्रिवेदी ने कहा, “उनके समर्थक भले ही उन्हें जिस भी प्रारूप में रखना चाहें, लेकिन पिछले 12 वर्षों में उनके स्टाइल और बॉडी लैंग्वेज में जितने परिवर्तन आए हैं, उतने परिवर्तन जनता के दिल में उनके स्थान को बनाए रखने में नहीं आए। वे लगातार जनता के दिल से स्थान खोते चले गए हैं।

नीट मामले में भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क, संवेदनशील और सजग है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलत सूचना या दुष्प्रचार को फैलने नहीं दिया जाएगा।

भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन के भीतर की दरारों को उजागर कर दिया है। इस हार के बाद कांग्रेस, झामुमो और सीपीआई (एमएल) नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इंडिया गठबंधन के भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के भीतर बढ़ते मतभेद और आपसी खींचतान के कारण गठबंधन की प्रासंगिकता तेजी से खत्म हो रही है।

उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन में अब ‘इंडिया’ जैसा कुछ बचा ही नहीं है। डीएमके से अलगाव के बाद दक्षिण भारत में कांग्रेस की एकमात्र सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) बची है।” उन्होंने गठबंधन के गठन के आधार और उसकी विचारधारा पर भी सवाल उठाए।

त्रिवेदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अब उसका क्या अस्तित्व रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यूपीए “रेडियोएक्टिव डिके” (धीरे-धीरे समाप्त होने) की स्थिति में पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि उसके नेतृत्व वाले गठबंधन लंबे समय तक क्यों नहीं टिक पाते।

झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्यजनक परिणाम नहीं है, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के रवैये का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “झामुमो के एक मंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने पहले सीट बंटवारे का वादा किया और बाद में उससे पीछे हट गई। यह झामुमो के साथ विश्वासघात था।” उनके मुताबिक, गठबंधन काफी पहले ही बिखर चुका था और राज्यसभा चुनाव का परिणाम उसी का असर है।

राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें भगवान परशुराम के रूप में दिखाए जाने संबंधी सवाल पर त्रिवेदी ने कहा कि यह राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निर्भर करता है कि वे उनकी विरासत किस तरह बनाना चाहते हैं।

डीकेएमवीसी

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