September 5, 2026
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हिंदुओं की स्थिति पर तमिल वाहन चालक के उद्गार वायरल

हिंदुओं की स्थिति पर तमिल वाहन चालक के उद्गार वायरल


डेस्क: हिंदू समुदाय की वर्तमान स्थिति पर एक तमिल वाहन चालक के कुछ गहरे प्रश्नों ने इंटरनेट पर न केवल लोकप्रियता हासिल की है, बल्कि जे साई दीपक एवं रीना जॉर्ज जैसे विद्वानों एवं लोकप्रिय व्यक्तित्वों का ध्यान भी आकर्षित किया है। जे साई दीपक ने अपनी टिप्पणी में उस टेंपो चालक द्वारा उठाए गए प्रश्नों और सुझाए गए समाधानों को ब्रिलिएंट और अब्सोल्युटली फैंटास्टिक कहा है।

अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा तमिलनाडु, केरल, और बंगाल के हिंदुओं की स्थिति से निराश ना हों। चुनावी नतीजों या उनके चुनावी फैसलों के लिए उनका मजाक ना उड़ाएं। आशा की किरण अभी दिख रही है और उनमें संघर्ष की जिद्द भी अभी शेष है।

उस टेंपो चालक की तमिल भाषा में कही गई सारगर्भित बातों का अनुवाद रीना जॉर्ज ने किया है।

अपनी टिप्पणी में रीना जार्ज ने लिखा है – काफी सारगर्भित निवेदन है यह। सम्मान के लायक।

टेंपो चालक के उद्गार का सारांश कुछ इस प्रकार है –

जब भी मैं अकेले गाड़ी चलाता हूं मैं साथ ही मनन भी करता रहता हूं। केवल हिंदू धर्म को ही इतनी गालियां क्यों दी जाती हैं? कोई व्यक्ति सार्वजनिक तौर पर इतने अपशब्द कहे फिर भी उसे गिरफ्तार करने में 6 दिन तक लग जाते हैं। दूसरी ओर, दूसरे धर्मों के खिलाफ छोटी सी टिप्पणी करने पर भी तुरंत कार्यवाही होती है।

काफी सोचने के बाद मेरे मन में यह स्पष्ट हो गया कि इसमें हमारी या हमारी पीढ़ी के लोगों की गलती नहीं है। यह हमारे गुरुओं की गलती है। उन्होंने हमें अध्यात्म सिखाया, पर राजनीति नहीं सिखाई। यदि सिखाई होती तो हमारी स्थिति ऐसी नहीं होती। मैं सबरीमाला तीर्थ यात्रा पर 11 वर्षों तक लगातार गया। पहली बार 30 लोग गये, दूसरी बार 50 और अब 200 जाते हैं।

हमारे गुरु जी ने हमें सिखाया कि तीर्थ यात्रा कैसे करनी है, देवता की पूजा कैसे करनी है। हमने उनकी बातों का अनुसरण किया और फिर लौट आए। उन्होंने हमें राजनीति नहीं सिखाई। केवल अध्यात्म सिखाया।

उन्हें हमें यह बताना चाहिए था कि हमें उनके लिए ही वोट देना चाहिए जो हमारे धर्म, हमारी मान्यता, हमारे देवी देवताओं का सम्मान करते हैं। ऐसा करने पर ही हम अपने अध्यात्म, अपने मंदिरों को बचा सकते हैं।

अपने गुरुओं से हमारी यही विनती है कि हिंदू धर्म और इसकी आध्यात्मिकता एक सुंदर उपवन है, लेकिन अब तक हमने इस की सुरक्षा के लिए कोई बाड़ या सुरक्षा घेरा तैयार नहीं किया।

हमारे गुरुओं को चाहिए कि वे सुरक्षा चक्र जरूर तैयार करें। कैसे? लाखों भक्त आपके पास आते हैं। उनसे कहें कि वे उन्हें ही वोट दें जो हमारा आदर करते हों।

आज जब वे हमारे भगवान मुरुगन के खिलाफ अपशब्द बोलते हैं, मुझे गहरी चोट पहुंचती है।

यदि हम चाहते हैं कि हमारे बच्चों के साथ भी ऐसा न हो तो हमें अपने धर्म की सुरक्षा करनी होगी।

एक राजनेता ने कहा कि श्रीरंगम मंदिर को ढहा देना चाहिए। वह सरकार के नियंत्रण में है। उसने ऐसा कैसे कह दिया? और हम सब चुप रहे।

हमें राजनीति अपने हाथ में लेनी होगी। अध्यात्म ही पर्याप्त नहीं है। हम कई ऐसी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हैं, जो हमें बांटती हैं, जबकि उन्हें हम आपस में सुलझा सकते हैं। हमारा एकताबद्ध होना आवश्यक है।

हमारे गुरुओं और हम सबको एक सम्मेलन आयोजित करना चाहिए। हमें यह बताना चाहिए कि जो हिंदू धर्म, मंदिरों, देवताओं का सम्मान करें उन्हें ही वोट दें।

वे इस अभियान में हमें भी शामिल करें। हमारे पास 200 वोट हैं। वोट के जरिए एकता प्रदर्शित करें।

यदि वे हमारे देवताओं के लिए अपशब्द कहते हैं तो जरूरी है कि सरकार हमारे पक्ष में खड़ी हो। हमारे गुरु ऐसा कर सकते हैं। राजनीति पर बोलें। वही हमें यहां तक लेकर आये हैं। पुराने समय में चोल वंश के राजाओं ने अध्यात्म का नेतृत्व किया था। आज अपशब्द बोले जा रहे हैं क्योंकि वे समझते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं। वोट के जरिए अपनी शक्ति दिखाएं।

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