September 2, 2026
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जी20 बैठक के बीच भारत-अमेरिका में बड़ी डील, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन पर साथ काम करने पर बनी सहमति

जी20 बैठक के बीच भारत-अमेरिका में बड़ी डील, क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन पर साथ काम करने पर बनी सहमति

एशविले, 1 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका ने अपने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों के तहत क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है। यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के बीच हुई बातचीत के बाद बनी है।

दोनों नेताओं की मुलाकात सोमवार को नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान हुई। इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और सुरक्षित सप्लाई चेन को भारत-अमेरिका आर्थिक संवाद के केंद्र में रखा गया। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को स्वीकार किया और कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त सचिव बेसेंट को इस साल के अंत में नई दिल्ली आने का न्योता दिया, ताकि भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक हो सके।

इस प्रस्तावित दौरे से दोनों सरकारों को आर्थिक और वित्तीय सहयोग की समीक्षा करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का एक और मौका मिलेगा, जिनमें साझेदारी का विस्तार किया जा सकता है।

भारत के वित्त मंत्रालय के अनुसार, बेसेंट ने जी7 प्लस फ्रेमवर्क में भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स पर जी7 के नेतृत्व वाले संवादों में भारत की भागीदारी का भी स्वागत किया।

मंत्रालय ने बताया कि ये चर्चाएं सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और रिसर्च व टेक्नोलॉजी साझा करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। क्रिटिकल मिनरल्स प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और रणनीतिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं। एशविले में हुई बैठक ने भारत और अमेरिका को इस मुद्दे को अपनी व्यापक वित्तीय और आर्थिक साझेदारी से जोड़ने का अवसर दिया।

सीतारमण-बेसेंट की बैठक ने इस बात को भी रेखांकित किया कि दोनों सरकारें आर्थिक मामलों पर नियमित उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखने को कितना महत्व देती हैं। उनकी यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और विकास व वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करने के लिए एशविले में जुटे थे।

भारत के लिए, क्रिटिकल मिनरल संवादों में भागीदारी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर सप्लाई-चेन सुरक्षा, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर काम करने का एक अवसर प्रदान करती है। अमेरिका के लिए, भारत की भागीदारी इन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े प्रयासों में एक बड़ी अर्थव्यवस्था और एक महत्वपूर्ण उभरते बाजार को जोड़ती है।

वित्त सचिव बेसेंट को दिया गया न्योता इस बात का भी संकेत है कि आर्थिक और वित्तीय साझेदारी नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी रहेगी। यह व्यवस्था दोनों देशों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर व्यापक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति देती है।

इस साल के अंत में नई दिल्ली में प्रस्तावित बैठक एशविले वार्ता के बाद इन परामर्शों को जारी रखेगी। वित्त मंत्रालय ने नई दिल्ली बैठक की कोई तारीख नहीं बताई। उसने यह भी खुलासा नहीं किया कि दोनों देश क्रिटिकल मिनरल को लेकर किन विशिष्ट पहलों को आगे बढ़ा सकते हैं।

क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग कई उद्योगों में होता है, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, रक्षा विनिर्माण और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल हैं। सरकारें अब अपने स्रोतों में विविधता लाने और केंद्रित सप्लाई चेन के कारण होने वाले व्यवधानों के जोखिम को कम करने पर तेजी से ध्यान दे रही हैं।

–आईएएनएस

केकेडीकेपी

  • IANS is a prominent private Indian news agency. It provides news services to media organizations.

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