जमशेदपुर: भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो ने हजारीबाग और गिरिडीह में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने वाले छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर झामुमो कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मास्क पहने लोगों ने आंदोलनकारी छात्रों को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सांसद ने आरोप लगाया कि पूरी घटना पुलिस संरक्षण में हुई।
साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सांसद ने कहा कि मामले में हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
विद्युत वरण महतो ने कहा कि छात्रों का आंदोलन सरकार की ओर से उनकी पूर्व मांगों को पूरा नहीं किए जाने के कारण हुआ है। उनका आरोप है कि सरकार ने धोखे से पिछले आंदोलन को समाप्त कराया था। ऐसे में मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों का विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन आंदोलनकारियों के साथ मारपीट किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
सांसद ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर वे छात्रों के मुद्दे को लेकर देशभर में राजनीति कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर उनके गठबंधन वाली सरकार और उसके समर्थकों पर झारखंड में छात्रों की पिटाई के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसी तरह के एक मामले में तत्काल सीबीआई जांच की अनुमति दी थी। उन्होंने झारखंड में हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
हालांकि, राजस्थान में स्कूल के निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट किए जाने के आरोपों से जुड़े सवाल पर सांसद ने अभिजीत दीपके को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वहीं, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी से संबंधित सवाल पर उन्होंने फिलहाल कोई जवाब देने से इनकार कर दिया।