August 28, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
झारखंड

झारखंड: धनबाद की बेटी मुनमुन को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

झारखंड: धनबाद की बेटी मुनमुन को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

धनबाद, 22 अगस्‍त (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है, जिसमें झारखंड से धनबाद की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य का चयन हुआ है। मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को आगामी 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। सीमित संसाधनों के बीच नवाचार और बेहतर शिक्षण व्यवस्था के जरिए बच्चों के भविष्य को संवारने वाली मुनमुन की इस उपलब्धि से पूरे धनबाद में खुशी का माहौल है।

झारखंड से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य ने अपनी अलग पहचान बनाई। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि, सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि शिक्षक दिवस के दिन राष्‍ट्रपति के द्वारा हमें यह सम्‍मान मिलेगा। यह सम्‍मान हर साल 5 सितंबर के दिन दिया जाता है। झारखंड से इस बार मुझे इस सम्‍मान ने नवाजा जाने का अवसर मिला है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय और राज्‍य शिक्षा विभाग को आभार व्‍यक्‍त करती हूं। साथ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को धन्‍यवाद देती हूं।

उन्‍होंने कहा कि एनईपी का प्राथमिक विजन एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्‍यूमरेसी) को लेकर एक विशेष रूम तैयार किया गया है। इसमें बच्‍चों के बेसिक शिक्षा पर जोर दिया जाता है। हम लोग एफएलएन को बेहतर तरीके से क्रियान्‍वित करते हैं। इससे बच्‍चों को आगे की शिक्षा के लिए आधार मज‍बूत हो जाता है और छात्रों की पढ़ाई बेहतर हो जाती है। माइनिंग क्षेत्र यानी कोल कैपिटल होने की वजह से एसडीजी के लक्ष्‍य को हम लोगों ने शिक्षा के डिफरेंट एक्टिविटीज में शामिल किया। प्‍ले-वे या एक्‍सपीरिंयस लर्निंग के माध्‍यम से इम्‍पार्ट करने की कोशिश की।

उन्‍होंने बताया कि मेरा काम ज्‍यादातर एफएलएन और एसडीजी पर आधारित है। मेरा मानना है कि यह विद्यालय मेरा है और इसे संवारने का जिम्‍मा सरकार में हमें दिया है। स्‍कूल में बच्‍चे मेरे भरोसे आ रहे हैं, क्‍योंकि अभिभावकों का वो स्‍तर नहीं है वो छात्रों के जीवन को बेहतर तरीके से संवार सकें। ऐसे विचार आने के बाद एक विशेष प्रकार की ऊर्जा का संचार शरीर में होने लगता है। ऐसे में ऊर्जा का बेहतरी इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

मुनमुन भट्टाचार्य वर्ष 2019 से बरमसिया मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं। इससे पहले वह मुरी-सिल्ली स्थित एक सरकारी विद्यालय में पदस्थापित थीं। बरमसिया विद्यालय में उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद टीएलएम यानी टीचिंग लर्निंग मटेरियल तैयार कर पढ़ाई को बच्चों के लिए रोचक और प्रभावी बनाने का काम किया। उन्होंने शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नवाचार आधारित गतिविधियों, कंप्यूटर आधारित शिक्षण और पुस्तकालय के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा दिया।

विद्यालय में बाल संसद को सक्रिय करने से लेकर पोषक क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चों को पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने के लिए स्कूल परिसर में पोषण वाटिका तैयार कराई गई और जल संरक्षण की दिशा में भी पहल की गई। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का प्रयास किया गया। उनके इन प्रयासों का असर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखने को मिला।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading