बिना तलाक दूसरी शादी पर क्या कहता है कानून? हिंदू मैरिज एक्ट और BNS की पूरी जानकारी
क्या पहली शादी रहते दूसरी शादी करना अपराध है? क्या सिर्फ अलग रहने से पहली शादी खत्म हो जाती है? हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS इस बारे में क्या कहते हैं?
इस वीडियो में धारा 5(i), धारा 11 और धारा 17 के साथ-साथ BNS की धारा 82 को आसान भाषा में समझाया गया है।
वीडियो में जानिए:
हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 5(i) में दूसरी शादी को लेकर क्या शर्त है?
पहली शादी रहते दूसरी शादी की कानूनी स्थिति क्या होती है?
ऐसी शादी कब Void ab initio मानी जाती है?
BNS की धारा 82(1) में कितनी सजा का प्रावधान है?
पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी करने पर क्या सजा हो सकती है?
सात साल से लापता पति या पत्नी के मामले में कानून क्या कहता है?
तलाक की अर्जी और तलाक की डिक्री में क्या फर्क है?
क्या केवल अलग रहने से दूसरी शादी की अनुमति मिल जाती है?
भारत में बिगैमी से संबंधित वर्तमान आपराधिक प्रावधान BNS की धारा 82 में हैं। इसमें सामान्य स्थिति में सात साल तक की सजा और पहली शादी छिपाने की स्थिति में दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
महत्वपूर्ण: यह वीडियो सामान्य कानूनी जागरूकता के लिए है और किसी विशेष मामले के लिए व्यक्तिगत कानूनी सलाह का विकल्प नहीं है।
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