हजारीबाग: हजारीबाग जिले के टाटीझरिया प्रखंड स्थित अमनारी गांव में लगातार बारिश के बीच एक पुराने मिट्टी के मकान की दीवार ढहने पर वर्षों पुराना रहस्य सामने आ गया। दीवार के भीतर छिपाकर रखा गया मिट्टी का गगरा टूटने से उसमें रखे चांदी के सिक्के आंगन में बिखर गए। घटना के बाद पूरे इलाके में कौतूहल का माहौल है और सिक्कों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है।

यूं तो बारिश के मौसम में लोग वैसे भी परेशान रहते हैं लेकिन हजारीबाग की घटना से कौतूहल और रोमांच भी दिखा। लोगों की जुबान पर तरह-तरह की बातें हैं। कुछ लोगों ने कहा कि पूर्वजों का सामान था तो कोई कहन लगा अजी किस्मत की बात है।
जी हां, टाटीझरिया प्रखंड के अमनारी गांव में गुरुवार को एक पुराने मिट्टी के मकान की दीवार गिरने के बाद ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया।
लगातार हो रही बारिश के कारण संयुक्त परिवार के मकान की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। जब परिवार के सदस्य मलबा हटाने लगे तो दीवार के भीतर छिपाकर रखा गया मिट्टी का एक बड़ा गगरा नीचे गिरकर टूट गया।
गगरा टूटते ही उसमें रखे चांदी के सिक्के आंगन में चारों ओर बिखर गए। देखते ही देखते इस घटना की खबर पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैल गई। कुछ ही देर में दर्जनों गांवों से लोग मौके पर पहुंचने लगे। हर कोई दीवार के भीतर वर्षों से सुरक्षित रखे गए चांदी के सिक्कों को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिया।
जानकारी के अनुसार यह पुराना मिट्टी का मकान रामचंद्र महतो, सुरेश महतो, संतोष प्रसाद (पिता बढ़न महतो), बुधन महतो, बालेश्वर महतो और नंदु महतो (पिता बैजू महतो) के संयुक्त परिवार का है। लगातार बारिश से दीवार कमजोर हो गई थी, जिसके चलते वह अचानक ढह गई।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि गगरा टूटने के बाद मिले सिक्कों को उन्होंने नहीं छुआ है। समाचार लिखे जाने तक सिक्के और मलबा उसी स्थिति में पड़े थे, जिसमें वे दीवार गिरने के बाद मिले थे। परिवार के लोग भी इस अप्रत्याशित घटना से हैरान हैं।
ग्रामीणों का मानना है कि यह गगरा उनके पूर्वजों ने कई दशक पहले सुरक्षा के उद्देश्य से दीवार के भीतर छिपाकर रखा होगा। पुराने समय में बैंकिंग सुविधाएं सीमित होने और चोरी-डकैती के डर से लोग अपनी कीमती संपत्ति, चांदी के सिक्के और आभूषण मिट्टी के बर्तनों में रखकर घर की दीवारों या जमीन के भीतर सुरक्षित छिपा देते थे। माना जा रहा है कि यह गगरा भी उसी परंपरा का हिस्सा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मिले सिक्के कितने पुराने हैं और उनकी कुल संख्या कितनी है। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
कोई इसे पूर्वजों की धरोहर बता रहा है तो कोई ऐतिहासिक महत्व की खोज मान रहा है। फिलहाल अमनारी गांव में यह अनोखी घटना लोगों के आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र बनी हुई है।