रांची/चतरा: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में मोहम्मद इमरोज की कथित मॉब लिंचिंग में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की पहल और मामले की समीक्षा के बाद चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने घटना के दौरान ड्यूटी में कथित लापरवाही बरतने वाले दो दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस मामले में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान के नेतृत्व में आयोग की टीम ने हाल ही में बड़गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। टीम ने मृतक मोहम्मद इमरोज के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों ने आयोग के समक्ष कथित मारपीट, घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी और उसकी भूमिका से जुड़े कई अहम तथ्य रखे।
सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक
बड़गांव दौरे के बाद आयोग की टीम ने चतरा सर्किट हाउस में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मामले की जांच की प्रगति, दर्ज एफआईआर, आरोपियों की गिरफ्तारी, पुलिसकर्मियों की भूमिका और पीड़ित परिवार को दी गई सरकारी सहायता सहित विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
दो दारोगा समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
जांच के बाद एसपी अनिमेष नैथानी ने टंडवा थाना के एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति, कांस्टेबल दशरथ महतो और कांस्टेबल प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर भी हो सख्त कार्रवाई: हिदायतुल्लाह खान
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही, कर्तव्यहीनता या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अन्य पुलिस अधिकारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज कायम रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी आरोपी को उसके प्रभाव के आधार पर राहत नहीं मिल सकती और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
एसपी की त्वरित कार्रवाई की सराहना
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि बड़गांव मामले में चतरा एसपी की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। घटना के बाद क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एसपी के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावी भूमिका निभाई। उन्होंने विश्वास जताया कि मामले के अन्य आरोपी, कथित साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा तथा सभी दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पुलिस बल की कमी महसूस की जा रही है। कई पुलिसकर्मियों के प्रमोशन के कारण विभिन्न थानों में जवानों की संख्या कम हुई है, जिसका असर कानून-व्यवस्था की चुनौतियों पर भी पड़ रहा है। इसके बावजूद इस मामले में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई सकारात्मक कदम है।