जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से शनिवार को समाहरणालय सभागार में शिक्षा जगत को समर्पित वर्षों की सेवाओं के लिए नौ सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
समारोह में शिक्षकों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उनके लंबे सेवाकाल की सराहना करते हुए स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में रामशंकर सिंह, सुतीर्थ कुमार राणा, फुलमनी हेंब्रम, रामनारायण सिंह, रीता कुमारी पॉल, नीलम कुमारी, एमलेन टोपनो, पंकज कुमार सीट तथा अरुण कुमार झा शामिल रहे। सभी शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन शिक्षक का दायित्व और समाज के प्रति उनका योगदान जीवनभर बना रहता है।
उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों का अनुभव, समर्पण और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा ने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों का भी विकास करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने अपने लंबे सेवाकाल में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संवारकर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का माहौल भावुक होने के साथ-साथ सम्मान और गौरव से भरा रहा।
उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल, स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक जूही रानी सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।