जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका अंचल अंतर्गत रोहिणीबेड़ा मौजा के ग्रामीण इन दिनों भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग अवैध तरीके से गांव की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों ने टाउन पोस्ट को बताया कि रोहिणीबेड़ा मौजा प्राचीन काल से सोहदा गाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसे कपाड़ा गाड़ी घाट के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां स्थित मां रंकिनी धान गांववासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है और वर्षों से यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना होती रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग जातिवाद का सहारा लेकर गांव में तनाव और विवाद की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे लोग रैयती और वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ व्यक्ति मूल निवासी नहीं हैं, फिर भी कथित रूप से गलत तरीके से वन पट्टा हासिल कर इलाके में रह रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग दबंग प्रवृत्ति के हैं, जिसके कारण गांववासी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो गांव में सामाजिक तनाव और बढ़ सकता है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव की शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा स्थानीय लोगों की जमीन और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
