August 30, 2026
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झारखंड: सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत के दूसरे दिन भी प्रदर्शन, सड़क जाम

झारखंड: सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत के दूसरे दिन भी प्रदर्शन, सड़क जाम

चतरा, 10 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड के सिमरिया में सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद चतरा जिले में लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। विरोध-प्रदर्शन की वजह से चतरा-हजारीबाग और चतरा-टांडवा-रांची मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है और दोनों रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं।

गुरुवार शाम शुरू हुआ यह जाम शुक्रवार शाम 4 बजे तक जारी रहा, जिससे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक बाधित हुआ और कोयले के ट्रांसपोर्टेशन व सड़क सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताएं सामने आईं।

प्रदर्शनकारी हादसे में जान गंवाने वाले जवान के परिवार को उचित मुआवजा देने, दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ड्राइवर की गिरफ्तारी और चतरा-हजारीबाग सड़क पर कोयले के ट्रांसपोर्टेशन को पूरी तरह बंद करने की मांग कर रहे हैं।

यह घटना गुरुवार शाम सिमरिया थाना क्षेत्र के डेलहो घाटी के पास हुई, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल से जा रहे 28 वर्षीय सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव को टक्कर मार दी।

उन्हें पहले सिमरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया और बाद में हजारीबाग और रांची के अस्पतालों में रेफर किया गया। हालांकि रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

चतरा सदर थाना क्षेत्र के बिराजपुर गांव के रहने वाले यादव जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में तैनात थे। वह करीब एक हफ्ते पहले ही एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे।

दुर्घटना के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और आरोपी ड्राइवर को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

घटना से नाराज परिवार के सदस्यों और इलाके के लोगों ने मृतक के शव के साथ सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस रास्ते से हर दिन कोयले से लदे सैकड़ों ट्रक गुजरते हैं और तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और बिना नियम-कानून के कामकाज की वजह से बार-बार जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं।

उन्होंने प्रशासन, सीसीएल, एनटीपीसी और अन्य एजेंसियों पर आरोप लगाया कि बार-बार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपाय लागू करने में वे नाकाम रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अतीत में कोयला ढोने वाली गाड़ियों से हुई दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

विरोध प्रदर्शन में शामिल पूर्व श्रम मंत्री और राजद नेता सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा की कीमत पर चतरा के रास्ते हजारीबाग से कोयले का ट्रांसपोर्टेशन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीएल और एनटीपीसी लोगों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। सिमारिया विधानसभा क्षेत्र से जेएनएम के पूर्व उम्मीदवार मनोज चंद्र ने कहा कि इन हादसों की वजह से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।

उन्होंने कहा कि जब तक कोयले की ढुलाई बंद नहीं होती और सड़क सुरक्षा के पक्के इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस बीच, सिमारिया के बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद, सर्कल ऑफिसर गौरव रॉय और स्टेशन हाउस ऑफिसर सूर्यप्रताप सिंह समेत स्थानीय अधिकारी गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं।

हालांकि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई समाधान नहीं निकल पाया था और नाकेबंदी जारी थी। पुलिस ने कहा कि फरार ड्राइवर को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं और स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

एससीएचवीसी

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