September 11, 2026
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कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

इंदौर, 11 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को अधिक समावेशी, आधुनिक और लाभकारी बनाना है, ताकि खेती केवल पारंपरिक गतिविधि न रहकर एक लाभदायक और तकनीक-आधारित क्षेत्र बन सके।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि में महिलाओं की भूमिका पहले से ही बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों और खेतों में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए नई नीतियां और तकनीकी सहायता पर काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि महिलाएं केवल सहायक भूमिका तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि निर्णयों और उत्पादन प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदार बनें।

उन्होंने यह भी कहा कि छोटे किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नई तकनीक, डिजिटल कृषि, और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक जैसे सटीक खेती, ड्रोन तकनीक और डेटा आधारित कृषि प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और लागत को कम किया जा सकता है।

मंत्री ने युवाओं को कृषि क्षेत्र की ओर आकर्षित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा यदि कृषि को नवाचार और स्टार्टअप दृष्टिकोण से देखें तो यह क्षेत्र रोजगार और उद्यमिता के बड़े अवसर प्रदान कर सकता है। सरकार भी इस दिशा में विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन को कृषि के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि बदलते मौसम, अनियमित बारिश और पर्यावरणीय दबाव के कारण खेती के तरीके बदलने की आवश्यकता है। इसके लिए जलवायु-संवेदनशील कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती को अपनाना जरूरी है। साथ ही डिजिटल कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिक्स बैठक के दौरान कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों के अधिकार जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आगामी घोषणापत्र में छोटे किसानों के हितों, बीजों पर किसानों के अधिकार और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने इसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बताया।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बैठक के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए मांडू और मांडवगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इससे न केवल भारत की समृद्ध संस्कृति का परिचय मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंध भी मजबूत होंगे।

डीकेपी

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