जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय में लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम के विरोध में शुक्रवार को वॉयस ऑफ कोल्हान यूनिवर्सिटी के बैनर तले युवा जदयू के नेतृत्व में ग्रेजुएट कॉलेज के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। युवा जदयू नेता हेमंत पाठक के नेतृत्व में छात्रों ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया तथा उन्हें मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने प्रधान सचिव से उनकी मुलाकात रोकने के लिए उन्हें पीछे के गेट से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने इसका विरोध करते हुए अपनी बात रखने में सफलता हासिल की।
छात्रों ने कहा कि राज्य सरकार और कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा लागू किया जा रहा क्लस्टर सिस्टम छात्र हित में नहीं है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज के कला एवं विज्ञान संकाय को शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर एलबीएसएम कॉलेज में तथा ग्रेजुएट कॉलेज के विज्ञान संकाय को को-ऑपरेटिव कॉलेज में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। इससे हजारों छात्रों, विशेषकर छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
छात्रों का कहना था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत क्लस्टर सिस्टम विषय आधारित होना चाहिए, न कि पूरे संकाय को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित करने वाला। उन्होंने कहा कि मानगो जैसे लगभग साढ़े तीन लाख आबादी वाले क्षेत्र में केवल एक सरकारी कॉलेज है। ऐसे में दूरदराज से आने वाले छात्रों और छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी तथा कई परिवार आर्थिक और सामाजिक कारणों से उनकी पढ़ाई बंद कराने को मजबूर हो सकते हैं।
मांग पत्र में छात्रों ने वर्कर्स कॉलेज और ग्रेजुएट कॉलेज में पहले की तरह सभी विषयों को पुनः बहाल करने, शहर में पीजी शिक्षा जारी रखने और छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।
इस मौके पर युवा जदयू नेता हेमंत पाठक ने कहा कि एयर कंडीशनर वाले कमरों में बैठकर छात्र विरोधी नीतियां नहीं बनाई जानी चाहिए। सरकार को पहले शिक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, उसके बाद नई नीतियां लागू करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
