जमशेदपुर : करनडीह स्थित दिशोम जाहेर परिसर में आयोजित चार दिवसीय जमशेदपुर पुस्तक मेले का समापन बुधवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली एवं पुस्तक मेला समिति (रजि.) प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पुस्तक मेले में चार दिनों तक साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, युवाओं और बच्चों की भारी भीड़ उमड़ी।
समापन समारोह में समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन को दिशा और दृष्टि दोनों प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिलता है और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से नियमित पठन-पाठन की आदत विकसित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले समाज में ज्ञान, साहित्य और संस्कारों के प्रसार का सशक्त माध्यम हैं। यह केवल पुस्तकों की बिक्री का मंच नहीं, बल्कि समाज में पढ़ने की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का सकारात्मक प्रयास है।
जमशेदपुर में पुस्तक प्रेमियों का उत्साह देखने लायक रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने पुस्तकें खरीदीं और विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। इससे यह साबित हुआ कि लोगों के भीतर आज भी पुस्तकों और साहित्य के प्रति गहरा लगाव मौजूद है।
समारोह के दौरान चित्रकला, कविता पाठ, कहानी लेखन एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र, पुस्तकें और आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
चार दिनों तक चले इस पुस्तक मेले में साहित्य, प्रतियोगी परीक्षाओं, धर्म, इतिहास, बच्चों की पुस्तकों तथा झारखंड की संस्कृति से जुड़ी हजारों पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री की गई। सजे-धजे स्टॉल, साहित्यिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने पूरे मेले को जीवंत साहित्यिक उत्सव का रूप दे दिया।
आयोजकों ने बताया कि जमशेदपुर में मिले अपार प्रेम और समर्थन से उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की प्रेरणा मिली है। अब पुस्तक मेला अपने अगले पड़ाव गुमला की ओर बढ़ेगा, जहां 15 से 18 मई तक टाउन हॉल, गुमला में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा।
