डीजीएमएस चाईबासा जोन कार्यक्रम में प्रमुख खदानों के प्रतियोगियों ने कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रमुख बिंदु:
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22 नवंबर 2024 को नोआमुंडी लौह खदान में यांत्रिक परीक्षण का आयोजन किया गया।
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प्रतिभागियों में किरीबुरू, मेघाहातुबुरू, गुआ और नोआमुंडी खदानों की टीमें शामिल थीं।
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कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा प्रथाओं और एसओपी के पालन पर जोर दिया गया।
जमशेदपुर- खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) चाईबासा जोन के तत्वावधान में 22 नवंबर को टाटा स्टील के नोआमुंडी लौह खदान में 62वां वार्षिक खान सुरक्षा सप्ताह 2024 मैकेनिकल टेस्ट आयोजित किया गया।
किरीबुरू लौह अयस्क खदान, मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान, गुआ अयस्क खदान और नोआमुंडी लौह खदान के प्रतियोगियों ने ए1-ए समूह श्रेणी के तहत इस तकनीकी व्यापार परीक्षण में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लिखित, मौखिक और व्यावहारिक परीक्षाओं के माध्यम से प्रतिभागियों के कौशल का मूल्यांकन करना था।
परीक्षकों के पैनल में टीपी समीर कुमार, सत्येन्द्र गौतम, दिलीप कुमार और शिव कुमार शामिल थे। सफल प्रतियोगियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार खान सुरक्षा समिति द्वारा प्रदान किये जायेंगे।
नोआमुंडी आयरन माइन के सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने खनन कार्यों में सुरक्षा की गंभीरता पर जोर देते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। अपने संबोधन के दौरान, भाग लेने वाली खदानों के अधिकारियों ने मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करने और कार्य शुरू करने से पहले छह दिशाओं में खतरों की पहचान करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने सक्रिय सुरक्षा उपायों के माध्यम से जोखिमों को कम करने के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र के दौरान एक परीक्षक ने टिप्पणी की, “खतरों को पहचानने और उनका समाधान करने से सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित होता है और दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।”
इस आयोजन ने क्षेत्र में खनन पेशेवरों के बीच सुरक्षा, ज्ञान साझा करने और सर्वोत्तम प्रथाओं के पालन के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
